रीवा के सेमरिया में किसानों का चक्का जाम शुक्रवार को उस समय देखने को मिला जब क्षेत्र के खरीदी केंद्र बंद रहने से किसानों में नाराजगी फैल गई। किसानों ने रीवा–सेमरिया (बनकुइया) मार्ग और दड़िया–बड़ा मार्ग पर ट्रैक्टर खड़ा करके यातायात पूरी तरह रोक दिया। सड़क पर टेंट लगाकर धरने पर बैठने के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, और करीब 1 घंटे तक सड़क यातायात प्रभावित रहा।
किसानों की नाराजगी के कारण
किसानों का कहना है कि कल्पना वेयरहाउस और तिघरा खरीदी केंद्र जांच के बाद भी शुरू नहीं किए गए। धान लेकर आए किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानियां बढ़ गई हैं। कई किसान दिनों से केंद्र खुलने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने चक्का जाम का रास्ता अपनाया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।(सेमरिया में किसानों का चक्का जाम)
जिलेभर के खरीदी केंद्रों की समस्याएं
किसानों ने बताया कि जिले के अन्य खरीदी केंद्रों में भी इसी तरह की समस्याएं हैं। कई केंद्र समय पर नहीं खुल रहे हैं,(सेमरिया में किसानों का चक्का जाम) तो कुछ केंद्रों में बारदाना, तौल मशीन और कर्मचारियों की कमी के कारण खरीदी प्रभावित हो रही है।

प्रशासन का हस्तक्षेप और आश्वासन
सूचना मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की। एडीएम रीवा ने किसानों को आश्वासन दिया कि सोमवार से कल्पना वेयरहाउस और तिघरा खरीदी केंद्र सुचारू रूप से शुरू किए जाएंगे। साथ ही, जिले के अन्य खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं को भी जल्द दुरुस्त करने का भरोसा दिया।
किसानों की प्रतिक्रिया
प्रशासनिक आश्वासन के बाद किसानों ने जाम हटाने पर सहमति जताई, लेकिन चेतावनी दी कि यदि तय समय पर खरीदी केंद्र शुरू नहीं हुए और समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन जिलेभर के किसान खरीदी व्यवस्था को लेकर चिंतित बने हुए हैं।
कई केंद्रों पर किसानों को रातभर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में इंतजार करना पड़ता है, जिससे ठंड और असुविधा के बीच धान की गुणवत्ता खराब होने का खतरा बना रहता है।
