रीवा नगर निगम क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था की गंभीर स्थिति सामने आई है। महापौर अजय मिश्रा ‘बाबा’ ने खुद स्वीकार किया कि शहर के कई इलाकों में अब भी गंदा और दूषित पानी पहुंच रहा है, जो नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन के लिए खतरा है।
शहर में लगातार मिल रही शिकायतें
हाल के दिनों में विभिन्न इलाकों से गंधयुक्त और रंग बदलने वाले पानी की लगातार शिकायतें आ रही थीं। इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों में सतर्कता बढ़ गई है।
शहर के कई वार्डों में पहले भी पानी की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें दर्ज हुई थीं। शुरुआती जांच में जलप्रदाय व्यवस्था में लापरवाही के संकेत मिले थे। इसके बावजूद संवेदनशील क्षेत्रों में स्थिति पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पाई, जिससे नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
आयुक्त की समीक्षा बैठक और कड़े निर्देश
नगर निगम आयुक्त सौरभ सोनवड़े ने स्वास्थ्य, जलप्रदाय, स्वच्छता और पीएचई सहित अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आयुक्त ने कहा कि नागरिकों का स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निम्नलिखित निर्देश दिए:
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सभी जल स्रोतों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए
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पानी की टंकियों की समय-समय पर सफाई हो
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पाइपलाइन लीकेज की तुरंत मरम्मत की जाए
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क्लोरीनेशन की सतत निगरानी हो
इसके अलावा, दूषित पानी की शिकायत मिलते ही संबंधित क्षेत्र में तत्काल कार्रवाई और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
स्वच्छता व्यवस्था पर सख्ती
आयुक्त ने स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी कड़े निर्देश दिए। नालियों की नियमित सफाई, कचरा उठान में ढिलाई न होने देने और कचरा प्रबंधन को दुरुस्त रखने के आदेश दिए गए। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त फील्ड टीमें तैनात की गई हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
महापौर का समर्थन और चेतावनी
महापौर अजय मिश्रा ‘बाबा’ ने कहा कि नगर निगम द्वारा उठाए जा रहे कदम शहरवासियों की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं। उन्होंने साफ किया कि लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
नगर निगम की टीमें लगातार फील्ड में रहकर हालात की निगरानी करेंगी और नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान करेंगी। निगम का उद्देश्य है कि रीवा को किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते सुरक्षित रखा जाए।
