लोकायुक्त कार्रवाई से हड़कंप, दो अधिकारी गिरफ्तार
रीवा और सतना जिले में लोकायुक्त कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। बुधवार को रीवा लोकायुक्त की टीम ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर एक पटवारी और एक नायब तहसीलदार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। दोनों मामलों में जमीन के नामांतरण और बंटवारे के बदले मोटी रकम की मांग की गई थी।
नामांतरण के लिए पटवारी ने मांगी रिश्वत
पहली लोकायुक्त कार्रवाई रायपुर कर्चुलियान तहसील के देवरा-फरेदा हल्का में की गई। यहां पदस्थ पटवारी अच्छेलाल साकेत को ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि उसने कृषि भूमि के नामांतरण के लिए कुल ₹10,000 की मांग की थी।
शिकायतकर्ता विपिन सोंधिया (निवासी मनीकवार) ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। सत्यापन के बाद ट्रैप कार्रवाई की गई और दूसरी किस्त लेते समय पटवारी को रंगे हाथ धर दबोचा गया।
जमीन बंटवारे के बदले नायब तहसीलदार गिरफ्तार
दूसरी बड़ी कार्रवाई रामपुर बघेलान क्षेत्र में हुई, जहां मौहरी कटरा में पदस्थ नायब तहसीलदार वीरेंद्र सिंह को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। लोकायुक्त एसपी के अनुसार, आरोपी अधिकारी ने जमीन के बंटवारे के बदले शिकायतकर्ता आशुतोष सिंह से ₹20,000 की मांग की थी।
शिकायत 15 दिसंबर को दर्ज की गई थी। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद ट्रैप की योजना बनाई गई और आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
राजस्व विभाग में मचा हड़कंप
इन लगातार लोकायुक्त कार्रवाइयों से राजस्व विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
निष्कर्ष
रीवा और सतना में हुई यह लोकायुक्त कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश है। आम लोगों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई से यह साफ है कि रिश्वतखोरी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
